THE RISE OF FEMININE LEADERSHIP (Edition-III) ISBN: 978-93-49468-67-2

राजनीति में महिलाओं की भूमिका (राजस्थान के विशेष संदर्भ में)

Author: Kirti Naga

हमारे भारत देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को चाहे पुरुष हो या महिला उन्हें समान अधिकार प्रदान किये गये हैं। इसी कारण आज के समय में महिलाऐं सक्रिय रूप से सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। राजनीति में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता उनके सशक्तिकरण को प्रदर्शित करता है। राजनीतिक सशक्तिकरण से तात्पर्य शासन सत्ता में सक्रिय भागीदारी, चुनाव में उम्मीदवार बनने का अधिकार, निर्णय प्रक्रिया में भाग लेकर स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता से है। प्रस्तुत शोध आलेख में राजस्थान की विधायिका में महिलाओं की सक्रिय राजनीतिक भागीदारी के आधार पर उनके राजनीतिक सशक्तिकरण की वास्तविक स्थिति के अ/ययन करने का प्रयास किया गया है। जब हम राजस्थान की राजनीति में महिलाओं की भूमिका की बात करते हैं तो हम यह देखते हैं कि भारत के संपूर्ण इतिहास में राजस्थान की वीरांगनाओं का स्थान अद्वितीय रहा है। रानी पदमिनी, कर्मवती, मीरा, हाड़ी रानी, चारण कवयित्री सांधु, जैसी विदुषी महिलाएं व चौहान रानी झालनदेवी, रानी सोनल देवी जैसी प्रशासनिक महिलाऐं हुई हैं। अगर हम आधुनिक युग की बात करें तो अंजना देवी, नारायणी देवी, कालीबाई, रमा देवी आदि महिलाओं ने अपना सक्रिय योगदान दिया है।

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